उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब वे गरीब परिवार भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं जो पहले पात्र नहीं थे। मेरठ में खासकर जीरो पावर्टी सर्वे में शामिल रहे लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना में न आने वाले परिवारों को अब मौका मिल रहा है।
मुख्यमंत्री आवास योजना क्या है?
यह योजना प्रदेश के उन गरीब परिवारों के लिए है जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है। सरकार उन्हें मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देती है। बेघर या कच्चे मकान में रहने वाले परिवार इस योजना से अपना घर बना सकते हैं।
पहले केवल 2011 के सर्वे में गरीबी रेखा से नीचे वाले, सपेरा समुदाय, आपदा पीड़ित, दिव्यांग, कुष्ठ रोगी, विधवा, वृद्ध और जनजातीय लोगों को ही पात्र माना जाता था। अब नियम बदल गए हैं।
मेरठ में कितने परिवार लाभ ले सकते हैं?
मेरठ में जीरो पावर्टी सर्वे में लगभग 900 परिवार शून्य गरीबी की श्रेणी में आए थे। इनमें से 543 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में जगह मिल गई। बाकी बचे लगभग 353 परिवार अब मुख्यमंत्री आवास योजना में आवेदन कर सकते हैं।
जिला प्रशासन साल 2018 में 1732 पात्र परिवारों की सूची जारी कर चुका था। उसके बाद से पात्रों की संख्या बहुत कम रही। पिछले छह साल में सिर्फ 85 परिवारों को ही मकान मिल पाया। इस साल 29 आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पात्रता की शर्तें क्या हैं?
योजना का लाभ लेने के लिए ये परिवार पात्र हैं:
- आश्रय विहीन या बेघर परिवार
- कच्चा मकान वाले गरीब परिवार
- प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार
- विधवा महिला, दिव्यांगजन, कुष्ठ रोगी
- जापानी इंसेफ्लाइटिस के मरीज
- हाथ से मैला ढोने वाले परिवार
- आदिम जनजातीय समूह (जैसे मुहसर, कोल, सहरिया, थारू, बैगा आदि)
- वैधानिक रूप से मुक्त बंधुआ मजदूर
- बेसहारा या भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले
किन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा?
ये लोग अपात्र माने जाते हैं:
- मोटर वाले तिपहिया या चौपहिया वाहन के मालिक
- यंत्रीकृत कृषि उपकरण रखने वाले
- किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 50 हजार से ज्यादा वाले
- परिवार में कोई सरकारी नौकरी वाला हो
- आयकर दाता
- परिवार की कोई आय 15 हजार रुपये से ज्यादा हो
- 2.5 एकड़ या ज्यादा सिंचित जमीन वाले
- पहले प्राकृतिक आपदा में राजस्व विभाग से मदद ले चुके परिवार
पैसे कैसे मिलते हैं?
पात्र परिवार को कुल 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं:
| किस्त | राशि (रुपये) |
|---|---|
| पहली किस्त | 40,000 |
| दूसरी किस्त | 70,000 |
| तीसरी किस्त | 10,000 |
खास बात: अगर परिवार खुद अपना मकान बनाता है तो वह मनरेगा (अब वीबीजी रामजी योजना) के तहत 90 दिन तक काम भी कर सकता है और मजदूरी भी पा सकता है।
आवेदन के लिए क्या दस्तावेज लगेंगे?
आवेदन करते समय ये दस्तावेज जमा करने होंगे:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पांच पासपोर्ट साइज फोटो
साल दर साल कितने मकान बने?
| वित्तीय वर्ष | लक्ष्य | पूरे हुए आवास |
|---|---|---|
| 2020-21 | 01 | 01 |
| 2021-22 | 00 | 00 |
| 2022-23 | 00 | 00 |
| 2023-24 | 20 | 20 |
| 2024-25 | 28 | 28 |
| 2025-26 | 36 | 35 |
| 2026-27 | 29 | 00 |
| कुल | 114 | 84 |
जिला प्रशासन अब नियमों में बदलाव के बाद पात्र परिवारों को जागरूक कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री आवास योजना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को पक्का मकान दिलाने का अच्छा जरिया है।
मेरठ के जो परिवार अभी तक इस योजना से बाहर थे, वे अब आवेदन करके अपना घर बना सकते हैं। सही दस्तावेज के साथ आवेदन करें और पात्रता की शर्तों को ध्यान से जांच लें।

