भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी और आसपास बने एक सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार सहित करीब 20-21 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के पास सक्रिय है, जो धीरे-धीरे पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। इससे पूर्वी और मध्य भारत में मानसून की गतिविधि तेज हो गई है।
IMD का अलर्ट क्या कहता है
मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 सितंबर के आसपास कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश भी संभव है। इससे निचले इलाकों में पानी भरने, नदियों के जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने का खतरा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है। तेज हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
किन राज्यों में खास सावधानी
पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के अन्य राज्य मुख्य रूप से प्रभावित हो सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
यूपी और बिहार में क्या स्थिति है
उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों जैसे प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, आजमगढ़, चित्रकूट और बांदा में भारी बारिश का अलर्ट है। कई जगहों पर नदियों का जलस्तर पहले से ही बढ़ा हुआ है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और आसपास के जिलों में भी तेज बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। यहां 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं।
झारखंड में भी कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बताई गई है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा है।
बाढ़ और जलभराव का खतरा क्यों बढ़ रहा है
लगातार बारिश से मिट्टी पानी से भर जाती है। निचले इलाकों में पानी जमा हो जाता है। नदियां उफान पर आ सकती हैं। शहरों में जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में सड़कें बंद हो सकती हैं और भूस्खलन हो सकता है।
लोग क्या सावधानी बरतें
- अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर नदी किनारे और पहाड़ी रास्तों पर।
- घरों के आसपास नालियां साफ रखें ताकि पानी न रुके।
- बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें।
- बिजली गिरने के दौरान खुले में न जाएं और पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अपडेट लगातार सुनते रहें।
- जरूरी सामान जैसे पानी, दवाइयां और टॉर्च तैयार रखें।
आगे का मौसम कैसा रहेगा
अगले 3-4 दिनों तक पूर्वी और मध्य भारत में बारिश जारी रह सकती है। उसके बाद धीरे-धीरे सिस्टम कमजोर पड़ने की उम्मीद है। दक्षिणी राज्यों में इस समय बारिश सामान्य या कम रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग नियमित रूप से अपडेट जारी कर रहा है। स्थानीय प्रशासन पहले से तैयार है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतना सबसे जरूरी है ताकि किसी तरह का नुकसान न हो।

