उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने वाली है। इस योजना का मकसद मेधावी बेटियों को आगे पढ़ाई के लिए बढ़ावा देना और स्कूल-कॉलेज छोड़ने वाली लड़कियों की संख्या कम करना है। 2025-26 में ग्रेजुएशन करने वाली टॉप छात्राओं को सरकार मुफ्त स्कूटी देगी। कुल 50,000 छात्राओं तक इसका फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना में किसे मिलेगा खास फायदा?
सामान्य मेधावी छात्राओं के अलावा कुछ खास वर्ग की बेटियों को 10 प्रतिशत नंबर कम आने पर भी स्कूटी मिल सकती है। इनमें शामिल हैं:
- शहीद परिवार की बेटियां
- दिव्यांग छात्राएं
- निराश्रित (माता-पिता दोनों के न रहने वाली) छात्राएं
शहीद परिवार में तीनों सेनाओं, अर्धसैनिक बलों और अस्थायी रूप से नियुक्त कमीशन अधिकारी या सैनिक शामिल हैं। अविवाहित शहीद सैनिक की मां और अविवाहित बहन को भी योजना का लाभ मिल सकता है।
दिव्यांग छात्राओं के लिए क्या शर्तें हैं?
दिव्यांग श्रेणी में वही छात्रा पात्र मानी जाएगी जिसकी कमर से ऊपर का हिस्सा स्वस्थ हो और वह स्कूटी चला सके। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से 80 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जरूरी होगा।
निराश्रित श्रेणी में वे छात्राएं आएंगी जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं और उनका भरण-पोषण करने वाला कोई दूसरा परिवार का सदस्य भी नहीं है।
आय सीमा और अन्य जरूरी बातें
योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं परिवारों की बेटियों को मिलेगा जिनकी सालाना आय 12 लाख रुपये तक है। इससे ज्यादा आय वाले परिवार की छात्राएं पात्र नहीं होंगी।
उच्च शिक्षा विभाग के अलावा मेडिकल, टेक्निकल और कृषि विश्वविद्यालयों की छात्राएं भी इस योजना का लाभ ले सकेंगी।
स्कूटी के साथ क्या-क्या मिलेगा?
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| स्कूटी | मुफ्त दोपहिया वाहन |
| रजिस्ट्रेशन | सरकार द्वारा कराया जाएगा |
| इंश्योरेंस | शामिल |
| हेलमेट | ISI मार्क वाला |
| पेट्रोल | 4 लीटर |
आवेदन और आवंटन की प्रक्रिया
पोर्टल लाइव होने के एक हफ्ते के अंदर विश्वविद्यालय छात्राओं की लिस्ट जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और उच्च शिक्षा निदेशक को भेजेंगे। वेरिफिकेशन के बाद स्कूटी आवंटित की जाएगी और प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड होंगे।
यह योजना बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शहीद परिवार और दिव्यांग छात्राओं को दी गई 10 प्रतिशत छूट से ज्यादा से ज्यादा मेधावी बेटियां इसका फायदा उठा सकेंगी।

