Chandra Grahan 2026: आज लगेगा चंद्र ग्रहण जानिए भारत में दिखाई देगा या नहीं समय और सूतक काल

By Sameem

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Chandra Grahan 2026

आज 28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण है। कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये भारत में दिखेगा, कितने बजे लगेगा और सूतक काल लगेगा या नहीं। आसान भाषा में पूरी जानकारी जानिए।

चंद्र ग्रहण क्या होता है

जब पृथ्वी चंद्रमा और सूरज के बीच आ जाती है, तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसे चंद्र ग्रहण कहते हैं। इस बार यह आंशिक ग्रहण है। मतलब चंद्रमा का पूरा हिस्सा नहीं, बल्कि लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाएगा। पूरा होने में करीब 5 घंटे 35 मिनट लगेंगे। मुख्य आंशिक चरण करीब 3 घंटे 16 मिनट चलेगा।

भारत में समय क्या है

भारतीय समय (IST) के अनुसार ग्रहण के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:

  • उपच्छाया (हल्की छाया) शुरू: सुबह करीब 6:55 बजे
  • आंशिक ग्रहण शुरू: सुबह करीब 8:04 बजे
  • सबसे ज्यादा प्रभाव (पीक): सुबह करीब 9:43 बजे
  • आंशिक ग्रहण खत्म: सुबह करीब 11:21 बजे
  • पूरी तरह खत्म: दोपहर करीब 12:30 बजे

ये समय वैश्विक गणना के अनुसार है।

क्या भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा

नहीं, भारत में ये चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

कारण साफ है। ग्रहण के समय भारत में दिन होगा और चंद्रमा क्षितिज (जमीन के किनारे) के नीचे रहेगा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु समेत पूरे देश में लोग इसे अपनी आंखों से नहीं देख पाएंगे।

ये ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में दिखेगा। जहां रात होगी, वहां लोग आसानी से देख सकेंगे। भारत में लोग चाहें तो ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के जरिए देख सकते हैं।

सूतक काल क्या है और क्या लगेगा

सूतक काल हिंदू परंपरा में ग्रहण से पहले का वह समय होता है जब पूजा-पाठ, खाना पकाना और कई शुभ काम बंद रखे जाते हैं। चंद्र ग्रहण में आमतौर पर 9 घंटे पहले सूतक शुरू होता है।

लेकिन इस बार भारत में सूतक काल लागू नहीं होगा। कारण ये है कि ग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं दे रहा। कई पंचांग और ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, सूतक तभी माना जाता है जब ग्रहण उस जगह दिखाई दे। इसलिए रक्षाबंधन के दिन भी लोग सामान्य रूप से राखी बांध सकते हैं और पूजा कर सकते हैं।

रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण एक साथ

आज रक्षाबंधन भी है। कई लोगों को चिंता हो रही थी कि ग्रहण की वजह से त्योहार प्रभावित तो नहीं होगा। लेकिन चूंकि सूतक नहीं लगेगा, इसलिए कोई खास पाबंदी नहीं है। लोग सामान्य रूप से त्योहार मना सकते हैं।

और क्या जानना जरूरी है

चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी खास चश्मे की जरूरत नहीं होती। ये सूर्य ग्रहण की तरह खतरनाक नहीं है। आंखों से सीधे देखा जा सकता है। जहां ये दिख रहा है, वहां चंद्रमा का रंग थोड़ा लाल या तांबे जैसा हो सकता है, इसलिए इसे कभी-कभी ब्लड मून भी कहा जाता है।

ये 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण है। इससे पहले मार्च में एक हल्का पेनअमब्रल ग्रहण हो चुका है।

आज 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा, लेकिन भारत में नहीं दिखेगा। समय सुबह 6:55 से दोपहर 12:30 तक है। सूतक काल भारत में लागू नहीं होगा। रक्षाबंधन सामान्य रूप से मनाया जा सकता है।

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