उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं। इसलिए राजनीतिक दल महिलाओं, युवाओं और मजदूरों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश में लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार कई नई योजनाएं ला रही है। विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी अपने वादे कर रही है। यह लाभार्थी राजनीति अब चुनावी रणनीति का बड़ा हिस्सा बन गई है।
महिलाओं को मिल रहे खास फायदे
सरकार ने वरिष्ठ महिलाओं (60 साल से ऊपर) को आजीवन मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी है। प्रदेश में ऐसी महिलाओं की संख्या करीब एक करोड़ है। रक्षाबंधन के दिन पहले से सभी महिलाओं को मुफ्त यात्रा मिलती थी, अब बुजुर्ग महिलाओं को हमेशा के लिए यह सुविधा मिल गई।
- पढ़ाकू बेटियों को स्कूटर बांटने की योजना से लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- मिड-डे मील की रसोइयों और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका का मानदेय बढ़ाया जा रहा है।
यह योजनाएं सिर्फ आर्थिक मदद नहीं हैं। अयोध्या, मथुरा, काशी जैसे धार्मिक स्थलों पर आसानी से जाने की सुविधा भी महिलाओं को मिलेगी। इससे सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ेगा।
युवाओं और रोजगार पर फोकस
उत्तर प्रदेश में युवा मतदाताओं की संख्या बहुत बड़ी है। सरकार ने छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। युवा आयोग बनाने और नियुक्ति पत्र बांटने के शिविर लगाने की बात कही जा रही है।
सरकार सिर्फ सरकारी नौकरी पर जोर नहीं दे रही। स्टार्टअप और उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को संदेश दिया जा रहा है कि वे सिर्फ सरकारी नौकरी के पीछे न भागें।
- जेन-जी (Gen-Z यानी नए जमाने के युवा) को रोजगार के मौके दिए जा रहे हैं।
- प्रांतीय रक्षा दल के जवानों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों को स्वास्थ्य कार्ड और बढ़ा हुआ मानदेय मिल रहा है।
मजदूरों के लिए नई योजना
नोएडा में श्रमिक आंदोलन के बाद सरकार ने मजदूरों के हित में कदम उठाए। अब नई घोषणा हुई है कि मजदूरों को उनके शहर में पांच से दस रुपये में भरपेट भोजन मिलेगा। प्रदेश में करीब पौने दो करोड़ पंजीकृत मजदूर हैं। इस योजना का सीधा राजनीतिक असर पड़ेगा।
विपक्ष क्या कर रहा है?
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव भी महिलाओं और गरीबों को साधने की कोशिश में हैं। वे महिलाओं को 40 हजार रुपये एकमुश्त देने, टैबलेट बांटने और आंगनबाड़ी कर्मियों की तनख्वाह तीन गुना करने का वादा कर रहे हैं। सपा सरकार बनने पर गरीबों को बिना किसी कार्ड के मुफ्त इलाज और दवाएं देने का भी वादा किया गया है।
कांग्रेस में प्रियंका गांधी और सपा में डिंपल यादव की सक्रियता भी महिलाओं को ध्यान में रखकर बढ़ाई जा रही है।
चुनावी समीकरण और चुनौतियां
भाजपा के लिए महिला मतदाता पहले से मजबूत आधार हैं। स्कूटर जैसी योजना नकद सहायता से अलग असर डाल सकती है क्योंकि यह लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने का जरिया भी है।
2027 चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का भरोसा बनाए रखना होगी। दस साल के शासन से उपजा असंतोष एक तरफ है, तो लाभार्थी समूहों में पैठ दूसरी तरफ ताकत बन सकती है।
योजनाओं की तुलना
| योजना / वादा | योगी सरकार की पहल | विपक्ष (सपा) का वादा |
|---|---|---|
| महिलाओं की बस यात्रा | 60+ महिलाओं को आजीवन मुफ्त | – |
| बेटियों को स्कूटर | 50 हजार पढ़ाकू बेटियों को स्कूटर | – |
| महिलाओं को नकद सहायता | – | 40 हजार रुपये एकमुश्त |
| आंगनबाड़ी कर्मचारी | मानदेय बढ़ाया | तनख्वाह तीन गुना |
| युवा रोजगार | 6 महीने में 1 लाख नौकरी | – |
| मजदूरों को भोजन | 5-10 रुपये में भरपेट भोजन | – |
| मुफ्त इलाज | – | बिना कार्ड मुफ्त इलाज और दवा |
- लाभार्थी राजनीति: वो राजनीति जिसमें पार्टियां लोगों को सीधे फायदा देकर वोट हासिल करने की कोशिश करती हैं।
- जेन-जी: 1997 के बाद पैदा हुए युवा।
- मानदेय: तनख्वाह या मानदेय राशि।
- उद्यमिता: खुद का व्यवसाय शुरू करना।
- निहितार्थ: छिपा हुआ मतलब या असर।
उत्तर प्रदेश की राजनीति अब महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के इर्द-गिर्द घूम रही है। दोनों तरफ से घोषणाएं जारी हैं। 2027 का चुनाव इन योजनाओं और वादों पर काफी हद तक निर्भर करेगा।

