भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश (यूपी) और मध्य प्रदेश (एमपी) समेत करीब 6 राज्यों में अगले 48 घंटे में भारी बारिश होने की संभावना है। मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। कम दबाव वाला क्षेत्र और मानसूनी हवाओं के कारण मौसम खराब रहने वाला है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किन राज्यों में भारी बारिश का खतरा
IMD के अनुसार मुख्य रूप से ये राज्य प्रभावित हो सकते हैं:
- उत्तर प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- बिहार
- राजस्थान
- उत्तराखंड
- दिल्ली-एनसीआर (या आसपास के इलाके)
कुछ रिपोर्टों में हिमाचल प्रदेश और झारखंड का भी जिक्र है। कुल मिलाकर उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्से में बारिश का जोर रहेगा।
यूपी में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, मोरादाबाद, सीतापुर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है। हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है।
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है। तापमान सामान्य से कम रहेगा।
मध्य प्रदेश में क्या स्थिति है
मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल, ग्वालियर, सागर, इंदौर, कटनी, विदिशा, सिवनी, दमोह और कई अन्य जिलों में तेज बारिश हो सकती है। पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर सकता है।
बारिश क्यों हो रही है? आसान भाषा में समझें
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक निम्न दाब क्षेत्र (कम दबाव वाला इलाका) बना हुआ है। इससे मानसूनी हवाएं तेज हो गई हैं। इसे “मानसून ट्रफ” भी कहा जाता है। यह सिस्टम बारिश लाने वाला मुख्य कारण है। अगले 1-2 दिन यह सक्रिय रहेगा।
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
- अनावश्यक बाहर न निकलें। अगर निकलना पड़े तो छाता या रेनकोट जरूर लें।
- नदियों, नालों और निचले इलाकों से दूर रहें। अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा हो सकता है।
- पहाड़ी क्षेत्रों (उत्तराखंड-हिमाचल) में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका है। यात्रा टालें।
- बिजली गिरने से बचने के लिए खुले में या पेड़ के नीचे न खड़े हों।
- किसानों को फसलों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
- बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें।
- यातायात में देरी हो सकती है। सड़क पर पानी जमा होने पर सावधानी बरतें।
तापमान और अन्य प्रभाव
बारिश के कारण तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। गर्मी और उमस से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन जलभराव और आवागमन की समस्या बढ़ सकती है। कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं।
IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है। मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर ताजा जानकारी चेक करते रहें। स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
यह अलर्ट आम लोगों की सुरक्षा के लिए जारी किया गया है। मौसम परिवर्तनशील है, इसलिए तैयार रहें। भारी बारिश के दौरान शांत रहें और जरूरी सावधानियां अपनाएं। अगले 48 घंटे मौसम की निगरानी जरूरी है।

