सावन का महीना शुरू होते ही हलवाई की दुकानों पर घेवर की खुशबू और उसकी सुंदर जालियां लोगों को अपनी ओर खींच लेती हैं। तीज, रक्षाबंधन या किसी भी त्योहार पर घेवर खाने का मजा ही अलग है। कई लोग सोचते हैं कि घर पर इतना क्रिस्पी और जालीदार घेवर बनाना बहुत मुश्किल है। लेकिन सच यह है कि सही तरीका और सही माप जान लें तो घर के सामान से ही बाजार जैसा स्वादिष्ट रबड़ी वाला घेवर तैयार हो सकता है। आज हम आपको आसान भाषा में इसकी पूरी विधि बता रहे हैं।
घेवर बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
- मैदा – 2 कप
- देशी घी – आधा कप (ठंडा और जमा हुआ)
- बर्फ के टुकड़े – 4-5
- ठंडा दूध – आधा कप
- नींबू का रस – 1 छोटी चम्मच
- ठंडा पानी – जरूरत के हिसाब से
- तलने के लिए घी या तेल
- रबड़ी के लिए – 1 लीटर दूध
- चाशनी के लिए चीनी, केसर, इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे (बादाम, पिस्ता, काजू)
घोल कैसे तैयार करें?
एक बड़े बर्तन में ठंडा जमा हुआ घी और बर्फ के टुकड़े डालकर अच्छी तरह फेंटें। जब घी हल्का क्रीमी और मक्खन जैसा हो जाए, तब धीरे-धीरे मैदा मिलाएं। साथ में ठंडा दूध, नींबू का रस और ठंडा पानी डालते रहें। घोल को इतना पतला बनाएं कि वह छाछ या पतले दूध जैसा लगे। कोई गांठ नहीं रहनी चाहिए। घोल जितना ठंडा और पतला होगा, जाली उतनी ही अच्छी बनेगी।
घेवर तलने का सही तरीका
एक गहरी कड़ाही में घी या तेल आधा भरकर बहुत तेज गर्म करें। अब चम्मच या बोतल की मदद से थोड़ा-थोड़ा घोल बीच में डालें। बुलबुले शांत होने पर दोबारा घोल डालें। ऐसा 7-8 बार करें। इससे बीच में छेद बनता जाएगा और सुंदर जाली तैयार हो जाएगी। जब घेवर सुनहरा भूरा और क्रिस्पी दिखने लगे, तो चिमटे से सावधानी से निकाल लें। अतिरिक्त घी निकालने के लिए जाली पर रख दें।
चाशनी और रबड़ी लगाना
हल्की गर्म चाशनी में घेवर को कुछ सेकंड के लिए डुबोकर निकाल लें। दूध को गाढ़ा करके रबड़ी बना लें। चाशनी वाले घेवर के ऊपर रबड़ी अच्छी तरह फैला दें। ऊपर से कटे हुए मेवे, केसर के धागे और इलायची पाउडर छिड़क दें।

