अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव की वजह से मध्य पूर्व में पिछले कुछ महीनों से अशांति बनी हुई है। कई जगहों पर हमले हुए हैं। इस दौरान कुछ भारतीयों की भी जान चली गई है और कई घायल हुए हैं। गुरुवार को सरकार ने संसद में इन आंकड़ों की पूरी जानकारी दी।
सरकार ने संसद में क्या बताया
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 16 भारतीयों की मौत हो चुकी है। इनमें 10 नाविक शामिल हैं। साथ ही 75 भारतीय घायल हुए हैं।
यह जानकारी सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास के सवाल पर दी गई थी। विदेश मंत्रालय से पूछा गया था कि संघर्ष की वजह से कितने भारतीय मारे गए, घायल हुए, फंसे या वापस लाए गए।
कतर में अलग घटना में भी भारतीयों की मौत
मंत्रियों ने बताया कि हमलों के अलावा एक अलग घटना में कतर के रास लाफ़ान गैस प्लांट में विस्फोट हुआ था। उसमें 12 भारतीयों की मौत हो गई थी। सरकार ने संबंधित देशों की मदद से इन भारतीयों के शव जल्दी भारत पहुंचाने की व्यवस्था की। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
किस देश में कितने भारतीयों की मौत हुई
सरकार ने देशवार आंकड़े भी दिए:
- सऊदी अरब – 1
- कुवैत – 2
- ओमान – 8
- इराक – 1
- यूएई – 4
कुल मौतें – 16
किस देश में कितने भारतीय घायल हुए
घायलों का आंकड़ा इस प्रकार है:
- यूएई – 32
- ओमान – 24
- कतर – 4
- कुवैत – 13
- सऊदी अरब – 1
- इजरायल – 1
कुल घायल – 75
परिवारों को मदद और मुआवजा
भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों और अस्पतालों से लगातार संपर्क में हैं। वे परिवारों को अपडेट देते हैं, यात्रा के विकल्प बताते हैं और सुरक्षित वापसी में मदद करते हैं।
नाविकों के परिवारों को डीजीएमए वेलफेयर स्कीम (सीफेयरर्स वेलफेयर फंड) के तहत 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। जांच पूरी होने के बाद यह रकम जल्दी जारी की जाती है।
- एक्स-ग्रेशिया = बिना कानूनी बाध्यता के, सहायता के रूप में दिया जाने वाला मुआवजा।
- नाविक = जहाज पर काम करने वाले कर्मचारी।
- मध्य पूर्व = पश्चिम एशिया का इलाका जिसमें सऊदी अरब, यूएई, ओमान, कतर, इराक, ईरान आदि देश आते हैं।
ईरान में कितने भारतीय हैं
एक दूसरे सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि फरवरी 2026 में तनाव शुरू होने के बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 2,557 भारतीयों को आर्मेनिया या अजरबैजान के रास्ते भारत वापस भेजने में मदद की है।
सरकार का अनुमान है कि ईरान में अभी भी करीब 7,000 भारतीय रह सकते हैं। इनमें धार्मिक स्कूल के छात्र, मेडिकल छात्र, कर्मचारी, नाविक और मछुआरे शामिल हैं। सरकार ने ईरानी अधिकारियों से उन मेडिकल छात्रों की समस्याएं भी उठाई हैं जिन्हें संघर्ष की वजह से भारत लौटना पड़ा था।
सरकार की तरफ से सुरक्षा के प्रयास
भारत सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दे रही है। शव वापस लाने, घायलों के इलाज और फंसे लोगों की वापसी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नाविकों के परिवारों को मुआवजा भी जल्दी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मध्य पूर्व में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। सरकार लगातार निगरानी रखे हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
- कुल मौतें: 16 (10 नाविक)
- कुल घायल: 75
- ईरान से निकाले गए: 2,557
- ईरान में अनुमानित भारतीय: करीब 7,000
यह जानकारी संसद में आधिकारिक रूप से दी गई है। आगे की स्थिति पर सरकार नजर बनाए रखेगी।

