प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी भारत सरकार की एक बड़ी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को पक्का और सस्ता घर दिलाना है। 2015 में शुरू हुई यह योजना अब PMAY-U 2.0 के नाम से चल रही है। सितंबर 2024 से लागू इस नए रूप का लक्ष्य अगले पांच साल में एक करोड़ अतिरिक्त शहरी परिवारों को घर उपलब्ध कराना है।
PMAY-U 2.0 क्या है?
यह योजना आवास और शहरी कार्य मंत्रालय चलाता है। पुरानी योजना में लगभग 95 लाख से ज्यादा घर पूरे हो चुके हैं। नई योजना में चार मुख्य तरीके दिए गए हैं:
- लाभार्थी के नेतृत्व में निर्माण (BLC): अपनी जमीन पर घर बनाने के लिए सीधी मदद।
- साझेदारी में किफायती आवास (AHP): सरकारी और निजी कंपनियों के साथ मिलकर बनाए गए सस्ते घर।
- किफायती किराया आवास (ARH): काम करने वाले लोगों के लिए किराए के सस्ते घर।
- ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): होम लोन पर ब्याज में छूट।
खास बात: घर महिला के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होना जरूरी है। इससे महिलाओं को घर का मालिकाना हक मिलता है।
कौन ले सकता है लाभ?
पात्र होने के लिए ये शर्तें पूरी करनी होंगी:
- परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
- परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का घर न हो।
- आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
- शहर या कस्बे में रहना चाहिए।
वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा:
| श्रेणी | आय सीमा |
|---|---|
| EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) | 3 लाख रुपये तक |
| LIG (कम आय वर्ग) | 3 लाख से 6 लाख रुपये |
| MIG (मध्यम आय वर्ग) | 6 लाख से 9 लाख रुपये |
विधवा महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन और स्ट्रीट वेंडरों को प्राथमिकता दी जाती है।
योजना के मुख्य लाभ
- घर बनाने के लिए सीधी मदद: अपनी जमीन पर घर बनाने पर 2.50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
- होम लोन पर ब्याज छूट:
- पहले 8 लाख रुपये के लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी।
- अधिकतम सब्सिडी 1.80 लाख रुपये (पांच साल में किस्तों में)।
- लोन की सीमा 25 लाख रुपये और घर की कीमत 35 लाख रुपये तक।
- घर का कार्पेट एरिया 120 वर्ग मीटर तक।
- महिलाओं को प्राथमिकता: घर महिला के नाम पर होना अनिवार्य।
- बुनियादी सुविधाएं: शौचालय, पानी और बिजली वाला सुरक्षित पक्का घर।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि ब्याज सब्सिडी से लोन का बोझ काफी कम हो जाता है। मासिक किस्त सस्ती पड़ती है और घर खरीदना आसान हो जाता है।
कैसे करें आवेदन?
- आधिकारिक वेबसाइट pmay-urban.gov.in पर जाएं।
- “Citizen Assessment” या मांग पंजीकरण का विकल्प चुनें।
- अपनी जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- नजदीकी नगर निगम या शहरी स्थानीय निकाय से भी ऑफलाइन मदद ले सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, आय संबंधी स्व-घोषणा, बैंक खाता विवरण और जमीन के कागजात (अगर अपनी जमीन पर घर बना रहे हैं)।
पुरानी योजना स्वीकृत घरों को पूरा करने के लिए 2026 तक चलेगी। नई मांगें अब सिर्फ PMAY-U 2.0 में स्वीकार होती हैं। पहले 8 लाख रुपये पर 4 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है और अधिकतम 1.80 लाख रुपये तक का लाभ लिया जा सकता है। ARH वर्टिकल के तहत किफायती किराए के घर भी उपलब्ध हैं। BLC और AHP में घर का साइज 30 से 45 वर्ग मीटर रखा गया है, जबकि ISS में 120 वर्ग मीटर तक की अनुमति है। पिछले 20 साल में किसी भी सरकारी आवास योजना का लाभ लिया हो तो आमतौर पर पात्र नहीं माना जाता।

