रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर रात में बड़े पैमाने पर हमला किया। इस हमले में मिसाइल और ड्रोन दोनों का इस्तेमाल हुआ। नतीजा यह हुआ कि कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें कुछ बच्चे भी थे। कई लोग घायल हुए और घर-इमारतें टूट-फूट गईं।
हमला कब और कैसे हुआ
यह हमला रात के समय हुआ जब ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। रूस ने सैकड़ों ड्रोन और कई मिसाइलें दागीं। यूक्रेन की तरफ से कहा गया कि कुल मिलाकर 500 से ज्यादा ड्रोन और 30 से ऊपर मिसाइलें आईं।
रूस का कहना है कि उसने सिर्फ सैन्य जगहों पर हमला किया। लेकिन कीव के अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के घरों और इलाकों पर भी बम गिरे। कई जगह आग लग गई। कुछ इमारतों के हिस्से गिर गए।
कीव के प्रशासन वाले ने बताया कि मरने वालों में 2 साल, 14 साल और 17 साल के बच्चे भी शामिल हैं। 10 से ज्यादा बच्चे घायल हुए। शहर के कई इलाकों में नुकसान हुआ। खिड़कियां टूटीं, दीवारें गिर गईं और कुछ जगह बिजली चली गई।
कितना नुकसान हुआ
- कीव में 15 लोगों की मौत हुई। आसपास के इलाकों में भी कुछ मौतें हुईं।
- दर्जनों लोग घायल हुए। कुछ की हालत गंभीर थी।
- कई घर और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक बाजार जैसी जगह भी प्रभावित हुई।
- रेल की कुछ पटरियों और अन्य जगहों को भी नुकसान पहुंचा।
बचाव वाले लोग पूरी रात मलबा हटाते रहे और लोगों को बाहर निकालते रहे। कई परिवार बम से बचने के लिए नीचे बने सुरक्षित कमरों में चले गए थे।
लोगों और नेताओं ने क्या कहा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले को बहुत बुरा बताया। उन्होंने कहा कि रूस आम लोगों पर हमला कर रहा है। उन्होंने दूसरे देशों से मदद मांगी, खासकर आसमान से बचाव वाले हथियारों की।
कई देशों ने रूस के इस कदम की निंदा की। यह हमला उस समय हुआ जब शांति की बातें भी चल रही थीं। फिर भी लड़ाई थमी नहीं।
मिसाइल वो तेज रफ्तार वाला हथियार है जो दूर से छोड़ा जाता है और लक्ष्य पर गिरता है। ड्रोन छोटे उड़ने वाले यान हैं जो खुद बम गिरा सकते हैं या टकरा सकते हैं। कीव यूक्रेन का सबसे बड़ा और मुख्य शहर है। वहां लाखों लोग रहते हैं। रात के हमले से ज्यादा डर और नुकसान होता है क्योंकि लोग घर के अंदर होते हैं।
यह घटना रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध का हिस्सा है। 2022 से यह लड़ाई जारी है। सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों को हो रहा है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी जान गंवा रहे हैं।
अब आगे क्या
यूक्रेन अपने आसमान की सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहा है। पश्चिमी देश मदद दे रहे हैं, लेकिन जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। शांति की बातें होती रहती हैं, लेकिन हमले रुक नहीं रहे।
यह सिर्फ आंकड़ों की खबर नहीं है। हर मौत के पीछे एक परिवार का गहरा दुख है। सबकी यही चाह है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो और लोग सुरक्षित रहें।

