भारत सरकार और कई राज्य सरकारें बेटियों को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं से बेटी की पढ़ाई, बचत और भविष्य सुरक्षित होता है।
केंद्रीय सरकार की प्रमुख योजनाएं
1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
यह योजना बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा पर जागरूकता फैलाने के लिए है।
इसमें पैसे सीधे नहीं मिलते, लेकिन लिंग अनुपात सुधारने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लड़कियों को स्कूल भेजने पर जोर दिया जाता है। इससे स्कूल में बेटियों का दाखिला बढ़ा है।
2. सुकन्या समृद्धि योजना
यह बेटियों के भविष्य के लिए सबसे लोकप्रिय बचत योजना है।
10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाया जा सकता है।
- साल में कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।
- ब्याज दर सामान्य बचत खाते से ज्यादा होती है।
- जमा राशि पर टैक्स छूट मिलती है।
- खाता 21 साल पर मैच्योर होता है। 18 साल के बाद पढ़ाई के लिए आधी राशि निकाल सकते हैं।
3. बालिका समृद्धि योजना
गरीब परिवारों की बेटियों के लिए खास योजना।
बेटी के जन्म पर 500 रुपये एकमुश्त मिलते हैं। इसके बाद स्कूल की पढ़ाई तक हर साल छात्रवृत्ति मिलती है। पैसे बेटी के नाम के खाते में जमा होते हैं और 18 साल की उम्र में निकाले जा सकते हैं।
4. सीबीएसई उड़ान योजना
इंजीनियरिंग और साइंस में लड़कियों को बढ़ावा देने वाली योजना।
कक्षा 11 और 12 की साइंस स्टूडेंट्स को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, स्टडी मटेरियल और मेंटरशिप दी जाती है। लक्ष्य आईआईटी और एनआईटी जैसी जगहों पर लड़कियों का दाखिला बढ़ाना है।
5. माध्यमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय प्रोत्साहन योजना
एससी और एसटी वर्ग की लड़कियों के लिए।
8वीं पास करने के बाद 10वीं तक पढ़ाई जारी रखने पर आर्थिक मदद मिलती है। इससे स्कूल छोड़ने की दर कम होती है।
राज्य सरकारों की प्रमुख योजनाएं
6. मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना (बिहार)
गरीब परिवार की बेटी के जन्म पर 2000 रुपये जमा किए जाते हैं। 18 साल की उम्र में (अगर अविवाहित हो) निकाले जा सकते हैं।
7. लाड़ली लक्ष्मी योजना (मध्य प्रदेश)
बेटी के जन्म के बाद 5 साल तक हर साल 6000 रुपये के नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट खरीदे जाते हैं। 21 साल की उम्र में 1 लाख रुपये मिलते हैं (पढ़ाई पूरी और 18 साल तक अविवाहित रहने पर)।
8. दिल्ली लाड़ली योजना
बेटी के जन्म और स्कूल की पढ़ाई के विभिन्न चरणों में पैसे जमा किए जाते हैं। 18 साल की उम्र में कुल राशि मिलती है।
9. माझी कन्या भाग्यश्री योजना (महाराष्ट्र)
एक या दो बेटियों वाले परिवारों को 50 हजार रुपये जमा किए जाते हैं। 18 साल की उम्र में (पढ़ाई पूरी और अविवाहित होने पर) मिलते हैं।
10. नंदा देवी कन्या योजना (उत्तराखंड)
गरीब परिवार की बेटी को 5000 रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट दिया जाता है। 18 साल की उम्र में निकाला जा सकता है।
योजनाओं की तालिका
| योजना का नाम | किसके लिए | मुख्य फायदा | राशि / मदद |
|---|---|---|---|
| सुकन्या समृद्धि | 10 साल से कम उम्र की बेटी | उच्च ब्याज वाली बचत | साल में 1.5 लाख तक जमा |
| बालिका समृद्धि | गरीब परिवार की बेटी | जन्म + छात्रवृत्ति | जन्म पर 500 रुपये + स्कॉलरशिप |
| लाड़ली लक्ष्मी (म.प्र.) | मध्य प्रदेश की बेटी | लंबे समय की बचत | 21 साल पर 1 लाख रुपये |
| दिल्ली लाड़ली | दिल्ली की बेटी | जन्म से स्कूल तक जमा | 18 साल पर कुल राशि |
| माझी कन्या भाग्यश्री | महाराष्ट्र की बेटी | एकमुश्त जमा | 50 हजार रुपये |
| बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ | पूरे देश | जागरूकता और शिक्षा बढ़ावा | सीधा पैसा नहीं |
जरूरी बातें याद रखें
ज्यादातर योजनाओं के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र जरूरी होते हैं। आवेदन बैंक, पोस्ट ऑफिस या सरकारी पोर्टल पर किया जा सकता है। एक बेटी कई योजनाओं का लाभ एक साथ ले सकती है अगर वह पात्र हो।

