उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने सभी 75 जिलों के नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर यानी घर कर, जल कर और सीवर कर के बकाए को एकमुश्त निपटाने की योजना शुरू की है।
यह योजना 15 अगस्त 2026 से लागू होगी और 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी। इससे लगभग पांच लाख करदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या है एकमुश्त समाधान योजना (OTS)?
सरकार ने प्रदेश के 762 नगरीय निकायों में यह योजना लागू करने का फैसला लिया है। इसमें शामिल हैं:
- 17 नगर निगम
- 200 नगर पालिका परिषद
- 545 नगर पंचायत
लंबे समय से बकाया कर जमा करने में असमर्थ लोगों को अब आसान तरीका मिल गया है। पुराने विवाद भी कम होंगे और निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
योजना की अवधि और भुगतान का तरीका
योजना कब चलेगी?
15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक (कुल चार महीने)।
भुगतान कैसे करें?
करदाता अधिकतम तीन किस्तों में पैसे जमा कर सकते हैं:
- योजना शुरू होने के 30 दिन के अंदर कुल बकाए का एक-तिहाई हिस्सा जमा करना होगा।
- बाकी दो-तिहाई राशि अगले दो महीनों में दो किस्तों में जमा की जा सकती है।
- पूरी राशि अधिकतम तीन महीने में जमा करनी होगी।
15 अगस्त से 14 सितंबर तक निकाय सभी करदाताओं को योजना की पूरी जानकारी देंगे और प्रचार भी करेंगे।
योजना से क्या फायदा होगा?
करदाताओं को फायदा
- पुराना बकाया आसान तरीके से चुकाने का मौका
- आर्थिक दबाव कम होगा
- कोर्ट के झगड़े घटेंगे
नगरीय निकायों को फायदा
- लंबित पैसे समय पर वसूल होंगे
- शहरों में विकास कार्य तेज होंगे
नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि इस पैसे से सड़कें, नालियां, पीने का पानी, सफाई और रोशनी जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी।
योजना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | एकमुश्त समाधान योजना (OTS) |
| शुरू होने की तारीख | 15 अगस्त 2026 |
| खत्म होने की तारीख | 15 दिसंबर 2026 |
| लागू क्षेत्र | सभी 75 जिले, 762 नगरीय निकाय |
| लाभार्थी | लगभग 5 लाख करदाता |
| किस्तें | अधिकतम 3 किस्तें |
| कवर किए गए कर | घर कर, जल कर, सीवर कर |
मुख्य बातें
- सभी 75 जिलों में योजना लागू होगी।
- पांच लाख लोगों को राहत मिलेगी।
- भुगतान तीन किस्तों में संभव।
- निकायों की आय बढ़ेगी और शहरों का विकास होगा।
- 15 अगस्त से 14 सितंबर तक जागरूकता अभियान चलेगा।
यह योजना नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने और आम नागरिकों को राहत देने दोनों मकसद से लाई गई है। जो लोग पुराना कर बकाया चुकाना चाहते हैं, वे जल्द अपने निकाय कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।

