उत्तर प्रदेश सरकार ने बुजुर्ग महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना शुरू कर दी है। राजमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत अब 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं यूपी रोडवेज की साधारण (नॉन एसी) बसों में आजीवन मुफ्त सफर कर सकती हैं। बस कंडक्टर को आधार कार्ड, वोटर कार्ड या कोई भी उम्र वाला पहचान पत्र दिखा दो, टिकट फ्री हो जाता है।
योजना क्या है और कैसे शुरू हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस योजना को मंजूरी दी। इसका नाम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखा गया है। अहिल्याबाई को महिलाओं की ताकत और अच्छे शासन का प्रतीक माना जाता है। योजना का मकसद बुजुर्ग महिलाओं की यात्रा को आसान, सम्मानजनक और सस्ता बनाना है। अब उन्हें परिवार, रिश्तेदार, अस्पताल या धार्मिक जगहों जैसे अयोध्या, काशी जाने के लिए किराए की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
रायबरेली में योजना शुरू होने के बाद कई महिलाएं खुश नजर आईं। मिथिलेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने आधार कार्ड दिखाया और टिकट नहीं लगा। रामदुलारी जैसी 70 साल की महिलाओं ने भी पहचान पत्र दिखाकर फ्री सफर का आनंद लिया। सुलेखा पांडेय ने कहा कि पहले पूरा किराया देना पड़ता था, अब राहत मिल गई है।
कैसे मिलेगा फायदा
सबसे आसान तरीका: बस में बैठते समय कंडक्टर को अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी दिखाएं। उसमें उम्र 60 साल से ऊपर होनी चाहिए। कंडक्टर ईटीआईएम मशीन से जीरो वैल्यू टिकट काट देगा। कोई पैसा नहीं लगेगा।
- योजना यूपी परिवहन निगम की अपनी और ठेके पर चलने वाली दोनों तरह की साधारण बसों में लागू है।
- स्मार्ट कार्ड बाद में मिलेगा, लेकिन अभी पहचान पत्र से ही काम चल जाएगा।
- यात्रा का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रखा जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
क्षेत्रीय प्रबंधक आदित्य प्रकाश और परिचालक आशीष शर्मा ने पुष्टि की कि रायबरेली डिपो से चलने वाली सभी सरकारी और अनुबंधित बसों में यह सुविधा उपलब्ध है। जहां तक बस जाती है, वहां तक मुफ्त सफर संभव है।
योजना के मुख्य फायदे
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| उम्र सीमा | 60 साल से ऊपर की महिलाएं |
| बसें | यूपी रोडवेज की नॉन एसी साधारण बसें |
| दस्तावेज | आधार कार्ड, वोटर कार्ड या उम्र वाला कोई पहचान पत्र |
| अवधि | आजीवन (लाइफटाइम) |
| लागत | सरकार पर लगभग 22.5 करोड़ रुपये प्रति महीना |
| लाभार्थी | रोज करीब 88,000 महिलाएं |
| विशेष | राखी के मौके पर सभी महिलाओं को भी कुछ दिनों के लिए फ्री यात्रा |
यह योजना सिर्फ अस्थायी नहीं है। यह स्थायी है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। सरकार का अनुमान है कि इससे पूरे प्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हो सकती हैं।
महिलाओं की प्रतिक्रिया और प्रभाव
रायबरेली बस स्टैंड पर महिलाओं का उत्साह साफ दिख रहा था। कई महिलाएं कह रही थीं कि अब वे बिना किसी पर निर्भर हुए परिवार से मिलने या इलाज के लिए जा सकती हैं। यह कदम बुजुर्ग महिलाओं की गरिमा बढ़ाने वाला है। योगी सरकार इसे मातृशक्ति का सम्मान बता रही है।
यह योजना यूपी की महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा, 60 प्लस महिलाओं को मुफ्त सफर, अही आदित्यनाथ मातृशक्ति योजना जैसे कीवर्ड्स के साथ खोजने वालों के लिए उपयोगी है। योजना लागू होने के बाद रायबरेली समेत पूरे प्रदेश में महिलाओं की आवाजाही आसान हो गई है।
योजना के तहत अब बुजुर्ग माताएं और बहनें बिना किराए की चिंता किए पूरे उत्तर प्रदेश में घूम सकती हैं। पहचान पत्र साथ रखना न भूलें और कंडक्टर को दिखाकर जीरो टिकट ले लें। यह सुविधा महिलाओं की स्वतंत्रता और सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

