आज 1 सितंबर 2026 को मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की नई चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र की वजह से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का असर जारी रहेगा। कई जगहों पर मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।
क्यों जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार, पश्चिम बंगाल के गंगा मैदानी इलाके और उत्तरी ओडिशा के पास कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। यह सिस्टम पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे अगले 24-48 घंटों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कम दबाव का मतलब है कि हवाएं एक जगह इकट्ठा होकर बारिश वाले बादल बनाती हैं। इससे अचानक तेज बारिश (फ्लैश फ्लड) और जलभराव का खतरा बढ़ जाता है।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है
IMD ने करीब 18 राज्यों में बारिश की चेतावनी दी है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़
- मध्य प्रदेश
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्य
ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश का खास अलर्ट है। कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का भी खतरा है।
उत्तर प्रदेश में कहां-कहां होगी भारी बारिश
उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश ज्यादा होने की संभावना है। वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, भदोही, चंदौली, मिर्जापुर और प्रयागराज जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बिजनौर और आसपास के इलाकों में बौछारें पड़ सकती हैं।
बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इससे सड़कें पानी से भर सकती हैं और यातायात प्रभावित हो सकता है।
बारिश से क्या-क्या खतरे हो सकते हैं
- निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़
- पेड़ों की टहनियां टूटना या छोटे पेड़ गिरना
- खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान
- बिजली गिरने का खतरा
- पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन)
खासकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। वहां फ्लैश फ्लड का जोखिम ज्यादा है।
लोग क्या सावधानियां बरतें
घर से निकलने से पहले मौसम की अपडेट जरूर चेक करें। तेज बारिश के दौरान खुले में न निकलें। बिजली गिरने वाले इलाकों में ऊंचे पेड़ों या खुले मैदान से दूर रहें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें क्योंकि सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। किसानों को सलाह है कि खेतों से पानी निकालने का इंतजाम रखें और सिंचाई या दवा छिड़काव न करें।
बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें। अगर कोई इलाका बाढ़ प्रभावित हो तो स्थानीय प्रशासन की सलाह मानें।
आगे का मौसम कैसा रहेगा
1 सितंबर के बाद भी कुछ दिनों तक बारिश का असर बना रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड और हिमाचल में भी बारिश जारी रह सकती है। दिल्ली-एनसीआर में धीरे-धीरे मौसम में बदलाव आने की उम्मीद है।
मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है। सही जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करते रहें। भारी बारिश के इस अलर्ट को गंभीरता से लें और सुरक्षित रहें।
यह जानकारी IMD के नवीनतम बुलेटिन पर आधारित है। मौसम बदल सकता है, इसलिए स्थानीय अपडेट जरूर देखें।

