कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। नए शैक्षणिक सत्र में परीक्षा का तरीका बदल गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCERT के दिशानिर्देशों के आधार पर CBSE ने कई बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मकसद रटने की आदत कम करना और समझ-बूझ पर जोर देना है। छात्रों और अभिभावकों को इन गाइडलाइन्स को ध्यान से समझना चाहिए।
परीक्षा पैटर्न में क्या बदला
नए पैटर्न में सवालों का बंटवारा इस तरह है:
- 50 प्रतिशत सवाल योग्यता आधारित (competency-based) होंगे। इनमें केस स्टडी, असल जिंदगी की समस्याएं और डेटा पर आधारित सवाल शामिल हैं।
- 20 प्रतिशत सवाल वस्तुनिष्ठ (MCQ या सही-गलत) प्रकार के होंगे।
- बाकी 30 प्रतिशत सवाल छोटे और लंबे उत्तर वाले होंगे।
यह बदलाव कक्षा 10 और 12 दोनों पर लागू है। अब सिर्फ याद करके नंबर लाना मुश्किल होगा। छात्रों को अवधारणा समझकर लागू करना होगा।
कक्षा 10 के लिए दो बार परीक्षा का मौका
कक्षा 10 के छात्रों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी। पहली परीक्षा फरवरी में अनिवार्य है। दूसरी परीक्षा मई में वैकल्पिक है। इसमें छात्र तीन विषयों तक अंक सुधार सकते हैं। दोनों में से बेहतर अंक अंतिम परिणाम में गिने जाएंगे। इससे परीक्षा का तनाव कम होगा और सुधार का मौका मिलेगा।
अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या ज्यादा विषयों में शामिल नहीं होता, तो दूसरी परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिलेगा। ऐसे छात्रों को अगले साल दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी।
विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में सेक्शन नियम
विज्ञान पेपर अब तीन सेक्शन में बंटा है – जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान। सामाजिक विज्ञान चार सेक्शन में है – इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र। छात्रों को जवाब उसी सेक्शन में लिखना जरूरी है। गलत सेक्शन में लिखा जवाब नहीं जांचा जाएगा। यह नियम सख्ती से लागू होगा।
हाजिरी और अन्य जरूरी नियम
बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत हाजिरी अनिवार्य है। आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट, प्रैक्टिकल और टेस्ट) का भी ज्यादा महत्व है। कक्षा 12 में डिजिटल मूल्यांकन (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) शुरू हो गया है, जिससे चेकिंग ज्यादा सटीक होगी।
छात्रों को क्या तैयारी करनी चाहिए
नए पैटर्न के लिए छात्रों को सैंपल पेपर हल करने चाहिए। केस स्टडी और समस्या-समाधान वाले सवालों का अभ्यास करें। रटने की बजाय समझ पर फोकस करें। स्कूल में सेक्शन-वाइज लिखने का अभ्यास भी जरूरी है।
ये बदलाव छात्रों को बेहतर सोचने और असल जिंदगी में ज्ञान लगाने के लिए तैयार करते हैं। नए सत्र की तैयारी जल्द शुरू करें और आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखते रहें। सही समझ और मेहनत से अच्छे नंबर हासिल किए जा सकते हैं।

