भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम इंडिया के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को मुंबई में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं। बैठक में आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे की हार, खिलाड़ियों की चोटों और 2027 विश्व कप की तैयारी पर चर्चा हो रही है। इससे टीम में बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं।
बैठक क्यों बुलाई गई
टीम इंडिया ने हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के टी20 सीरीज में बुरा प्रदर्शन किया। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से हारकर टीम की लंबी अनबीट सीरीज टूट गई। इंग्लैंड में भी 4-0 से हार का सामना करना पड़ा। सिर्फ एक मैच जीता जा सका। ये नतीजे बीसीसीआई को पसंद नहीं आए।
बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया की अगुवाई में यह बैठक हो रही है। इसमें सिर्फ पुरानी हारों की समीक्षा नहीं, बल्कि आगे की योजना भी बनाई जा रही है। न्यूजीलैंड का दौरा जल्द आने वाला है। 2027 वनडे विश्व कप भी नजदीक है। इसलिए टीम को मजबूत बनाना जरूरी है।
खिलाड़ियों की चोट सबसे बड़ा मुद्दा
बैठक का मुख्य विषय खिलाड़ियों की फिटनेस है। कई स्टार खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी फिटनेस टेस्ट का इंतजार कर रहे हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चोट से उबरने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन कई बार सही समय-सारिणी नहीं मिल पाती।
बीसीसीआई चिंतित है कि आईपीएल का ज्यादा काम का बोझ खिलाड़ियों को थका रहा है। इससे महत्वपूर्ण दौरों में टीम कमजोर पड़ जाती है। बैठक में इस समस्या का हल निकालने की कोशिश होगी। चयन समिति और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
टीम में बदलाव के संकेत
इस बैठक से टीम इंडिया में बड़े बदलाव हो सकते हैं। चयन नीति पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका पर चर्चा हो सकती है। युवा खिलाड़ियों को मौका देने की बात भी उठ सकती है।
अजीत अगरकर का कार्यकाल जल्द खत्म होने वाला है। उनके जॉब बढ़ाने पर भी फैसला हो सकता है। बोर्ड चाहता है कि 2027 विश्व कप तक निरंतरता बनी रहे। गौतम गंभीर की कोचिंग स्टाइल और टीम मैनेजमेंट पर भी बात हो सकती है।
2027 विश्व कप की तैयारी
बीसीसीआई अब सिर्फ हालिया हारों पर नहीं, बल्कि भविष्य पर फोकस कर रहा है। न्यूजीलैंड दौरे की योजना, खिलाड़ियों की उपलब्धता और लंबी अवधि की रणनीति पर चर्चा होगी। टीम को फिट रखना, चोटों को कम करना और सही खिलाड़ियों का चयन करना मुख्य लक्ष्य है।
बैठक से क्या उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक के बाद टीम में कुछ नए चेहरे दिख सकते हैं। फिटनेस को प्राथमिकता दी जाएगी। बड़े खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भरता कम करने की कोशिश जारी रह सकती है। बीसीसीआई का यह कड़ा रुख साफ दिखाता है कि टीम इंडिया को मजबूत बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। बैठक के नतीजे जल्द सामने आ सकते हैं। क्रिकेट प्रेमी अब इन बदलावों का इंतजार कर रहे हैं। टीम को जल्द वापसी करनी होगी ताकि विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन हो सके।

