यूपी में आयुष्मान कार्ड अभियान: तीन महीने में 20 लाख से ज्यादा नए लाभार्थी जुड़े, जौनपुर टॉप पर

By Imran

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Ayushman Card Campaign in UP

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान कार्ड) के तहत एक खास अभियान चलाया गया। इस अभियान में तीन महीने के अंदर 20 लाख से ज्यादा नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए। यह अभियान 15 मई से 14 अगस्त 2026 तक चला। इसका मकसद उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक योजना पहुंचाना था, जिनका अभी तक कार्ड नहीं बना था।

अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?

सरकार का लक्ष्य था कि पात्र लाभार्थियों (जो योजना के हकदार हैं) को आसानी से कार्ड मिल जाए। गांव और शहर दोनों जगहों पर कई कैंप लगाए गए। इन कैंपों में लोगों को कार्ड बनवाने की सुविधा दी गई और योजना की पूरी जानकारी भी बताई गई। स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि अभियान का फोकस उन परिवारों पर था, जिनका कार्ड अभी नहीं बना था।

इस अभियान से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के साथ-साथ बुजुर्गों को भी योजना से जोड़ा गया। अब ये लोग मुफ्त में इलाज की सुविधा ले सकते हैं।

तीन महीने में बने 20 लाख से अधिक नए कार्ड

अभियान के दौरान कुल 20,48,712 नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए। यह आंकड़ा राज्य के लिए बहुत अच्छा परिणाम है। कई जिलों ने इस अभियान में अच्छा प्रदर्शन किया।

सबसे ज्यादा कार्ड जौनपुर में बने। जौनपुर ने 78,427 कार्ड बनाकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।

किन जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया?

नीचे कुछ प्रमुख जिलों के आंकड़े दिए गए हैं, जहां सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए गए:

जिलाबनाए गए आयुष्मान कार्ड
जौनपुर78,427
बरेली75,636
प्रयागराज73,976
बदायूं61,112
लखनऊ58,534
मुरादाबाद54,754
रामपुर52,776

इनके अलावा अन्य कई जिलों में भी पात्र लोगों के कार्ड बनाए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को घर के पास ही सुविधा दी गई। शहरी इलाकों में भी जागरूकता बढ़ाई गई।

आयुष्मान कार्ड से क्या फायदा मिलता है?

आयुष्मान कार्ड वाले परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इसमें अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी, दवाइयां और अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं। गरीब परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है। अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि कार्ड कैसे बनवाएं और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।

अभियान की सफलता से साफ है कि जब सरकार सक्रियता से लोगों तक पहुंचती है, तो नतीजे अच्छे आते हैं। जौनपुर जैसे जिलों ने मेहनत करके सबसे आगे जगह बनाई। अन्य जिले भी इनसे सीख सकते हैं।

अभियान कैसे चलाया गया?

  • गांव-गांव और मोहल्लों में कैंप लगाए गए।
  • पात्र परिवारों की सूची चेक की गई।
  • लोगों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से कार्ड बनवाने में मदद दी गई।
  • योजना की जानकारी हिंदी में आसान भाषा में दी गई, ताकि हर कोई समझ सके।

इस अभियान से लाखों परिवार अब स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आ गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की यह साझेदारी गरीबों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।

मुख्य बातें याद रखें:

  • 20 लाख से ज्यादा नए कार्ड तीन महीने में बने।
  • जौनपुर सबसे आगे रहा 78,427 कार्ड के साथ।
  • अभियान का फोकस पात्र लेकिन कार्ड न बनवाए परिवारों पर था।
  • गांव और शहर दोनों जगह कैंप लगाए गए।

आयुष्मान कार्ड अभियान ने दिखाया कि सही योजना और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। अब ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का फायदा उठा सकेंगे।

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