सहारनपुर में एक किलो मियाजाकी आम ₹2.11 लाख में बिका, किसान ने तोड़ा रिकॉर्ड

By RAJ

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक किसान ने ऐसा कर दिखाया जो सुनने में ही चौंकाने वाला लगता है। ग्राम थरोली के किसान संदीप चौधरी ने दुनिया के सबसे महंगे आम मियाजाकी की खेती करके नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने सिर्फ चार मियाजाकी आम यानी एक किलो आम को ₹2 लाख 11 हजार में बेच दिए। यह सौदा गुजरात के सूरत निवासी व्यापारी प्रवीण गुप्ता के साथ हुआ।

मियाजाकी आम क्या है और क्यों इतना महंगा?

मियाजाकी आम जापान का खास किस्म का आम है। इसका रंग लाल-बैंगनी होता है और स्वाद बहुत अच्छा माना जाता है। इसमें सामान्य आमों से ज्यादा विटामिन ए, विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। इसी वजह से इसे दुनिया का सबसे महंगा आम कहा जाता है।

संदीप चौधरी ने तीन साल पहले इस आम के पेड़ लगाए थे। शुरुआत में कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। लोग कहते थे कि आम लाखों रुपये में कैसे बिक सकता है। लेकिन आज उनकी मेहनत रंग लाई है। उनके पास अभी करीब 40 मियाजाकी आम के पेड़ हैं।

कैसे हुआ इतना बड़ा सौदा?

सूरत के व्यापारी प्रवीण गुप्ता ने ये आम अपनी मां के नाम पर खरीदे। शुरुआत में सौदा ₹3.5 लाख में तय हुआ था। लेकिन जब संदीप चौधरी को पता चला कि खरीदार यह आम अपनी मां को समर्पित करना चाहते हैं, तो उन्होंने कीमत घटाकर ₹2.11 लाख कर दी।

प्रवीण गुप्ता ने अभी तक ₹1.11 लाख ऑनलाइन दे दिए हैं। बाकी ₹1 लाख 1 अगस्त को आम की डिलीवरी के समय दिए जाएंगे। दोनों की मुलाकात गुजरात में होगी जहां आम सौंपे जाएंगे।

पिछले साल भी प्रवीण गुप्ता ये आम खरीदना चाहते थे, लेकिन तब किसान ने आम मुख्यमंत्री को भेज दिए थे।

किसान का मकसद और संदेश

संदीप चौधरी ने साफ कहा कि वे पारंपरिक फसलों के साथ-साथ ऑर्गेनिक और ऊंची कीमत वाली फसलें उगाना चाहते थे। उनका मानना है कि सिर्फ धान और गन्ने की खेती से किसानों की आमदनी नहीं बढ़ सकती। नई और खास फसलें अपनाने से ही फायदा हो सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस बिक्री से मिली रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीबों की मदद में लगाएंगे।

किसान ने कहा, “लोग मेरी खेती का मजाक उड़ाते थे। लेकिन आज जब फल मिला है तो बहुत खुशी हो रही है। किसानों को अब ऑर्गेनिक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए।”

किसानों के लिए क्या सीख है?

यह घटना साबित करती है कि सही दिशा में मेहनत करने से खेती भी अच्छी कमाई का जरिया बन सकती है। मियाजाकी जैसे खास आमों की मांग शहरों और बाहर के राज्यों में बढ़ रही है। अगर किसान नई तकनीक और ऊंची कीमत वाली फसलें अपनाएं तो उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सकती है।

संदीप चौधरी का उदाहरण उन किसानों के लिए प्रेरणा है जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर कुछ नया करने की सोच रखते हैं। सहारनपुर के इस किसान ने दिखा दिया कि मेहनत और सही सोच से रिकॉर्ड भी तोड़े जा सकते हैं।

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