दिल्ली के जंतर मंतर पर 23 जुलाई 2026 को हुए प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द बोलने वाली छात्रा रुचिका सिंह का एक माफी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। इस वीडियो में रुचिका खुद को 15 साल की बताते हुए हाथ जोड़कर माफी मांग रही है। वह कहती है कि उससे बड़ी गलती हो गई और देश उसे माफ कर दे।
क्या हुआ था जंतर मंतर प्रदर्शन में
23 जुलाई को जंतर मंतर पर एक प्रदर्शन चल रहा था। रुचिका कनॉट प्लेस घूमने के बाद दोस्तों के साथ वहां पहुंच गई थी। वहां मौजूद लोगों के प्रभाव में आकर उसने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपशब्द कह दिए। पुलिस के अनुसार, इससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई।
इसके बाद नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में रुचिका के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज हुई। बाद में यह मामला दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को भेज दिया गया। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज है।
रुचिका ने वीडियो में क्या कहा
वायरल वीडियो में रुचिका कहती है कि वह उन लोगों के प्रभाव में आ गई थी। उसने जो कुछ कहा, वह माफी के लायक नहीं था। वह इसे अपनी पहली और आखिरी गलती बताती है। हाथ जोड़कर वह पूरे देश से माफी मांगती है और कहती है कि उसे खुद पर शर्म आ रही है।
नोट: इंडिया टुडे ने इस वीडियो की सच्चाई की स्वतंत्र रूप से जांच नहीं की है।
पीएम मोदी का बयान और वीडियो का समय
यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के कुछ घंटों बाद सामने आया। शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर मोदी ने कहा था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उन्हें गाली देने वाले छात्रों को माफ कर दिया है। मोदी ने बताया कि उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्द उन्हें दुखी करते थे, लेकिन युवाओं को गलती से सीखने का मौका मिलना चाहिए।
रुचिका कहां रहती है और पुलिस की जांच
जानकारी के मुताबिक रुचिका अपनी मां के साथ नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहती थी। प्रदर्शन के बाद से वह वहां वापस नहीं लौटी है। फ्लैट फिलहाल बंद है। पुलिस सोसाइटी पहुंचकर लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
कॉकरोच जनता पार्टी की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन आयोजित करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने एफआईआर पर आपत्ति जताई। पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आपत्तिजनक भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता। लेकिन ऐसी बातों पर आपराधिक मुकदमा बोलने की आजादी पर बुरा असर डाल सकता है। उनका सुझाव था कि पीड़ित पक्ष मानहानि का केस दर्ज कराए, आपराधिक कार्रवाई का रास्ता न अपनाए।
- अपशब्द: गाली या बुरी भाषा
- संवैधानिक पद: संविधान द्वारा दिए गए ऊंचे पद जैसे प्रधानमंत्री
- जीरो एफआईआर: किसी भी थाने में दर्ज होने वाली शिकायत, जो बाद में सही थाने को भेजी जाती है
- भारतीय न्याय संहिता: नया कानून जो पुराने आईपीसी की जगह ले चुका है
- दिवंगत: स्वर्गवासी या गुजर चुकी
यह घटना युवाओं में अनुशासन और जिम्मेदारी की याद दिलाती है। गलती हो सकती है, लेकिन माफी मांगना और सीखना सही रास्ता है। रुचिका का वीडियो और पीएम का माफी वाला रुख दोनों ही चर्चा में हैं।

